गन्ने की खेती का कैलेंडर 2026: बम्पर पैदावार पाने का सबसे सफल और गुप्त तरीका
गन्ना भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है, लेकिन अक्सर किसान कड़ी मेहनत के बावजूद वह पैदावार नहीं ले पाते जो वैज्ञानिक तरीकों से संभव है। अक्सर इसका कारण कृषि कार्यों में देरी या गलत प्रबंधन होता है। यदि आप वैज्ञानिक गन्ने की खेती का कैलेंडर का पालन करते हैं, तो आप अपनी लागत को 20-30% तक कम कर सकते हैं और पैदावार को प्रति हेक्टेयर 150 टन तक ले जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR) के प्रमाणित आंकड़ों पर आधारित यह लेख आपको जनवरी से दिसंबर तक की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की विस्तृत जानकारी देगा।
1. गन्ने की खेती का कैलेंडर: जनवरी से मार्च (बुवाई और खेत की तैयारी)
यह तिमाही गन्ने की फसल का आधार है। यहाँ की गई मेहनत ही तय करती है कि आपके गन्ने की मोटाई और वजन कितना होगा।
- जनवरी: यह महीना आगामी बसंतकालीन गन्ना बुआई के लिए खेत तैयार करने का है। खेत की गहरी जुताई करें ताकि मिट्टी के अंदर छिपे हानिकारक कीटों के अंडे और रोगों के अवशेष धूप से नष्ट हो सकें।
- फरवरी: सबसे पहले अपने चयनित खेत की मिट्टी की जांच (Soil Testing) कराएं। पोषक तत्वों का स्तर जानकर ही खाद का प्रयोग करें। इसी समय स्वस्थ और प्रमाणित गन्ना बीज की व्यवस्था सुरक्षित कर लें। उत्तर प्रदेश के किसान अपने क्षेत्र के अनुसार संस्तुत किस्मों का ही चयन करें।
- मार्च: बसंतकालीन बुवाई के लिए यह सर्वोत्तम महीना है। जमाव में सुधार और समय की बचत के लिए ‘डीप फरो कटर-प्लान्टर’ यंत्र का प्रयोग करें। अधिक पैदावार के लिए ट्रेंच विधि (नाली विधि) सबसे सफल मानी जाती है।

2. गन्ने की खेती का कैलेंडर: अप्रैल से जून (फसल सुरक्षा और पोषण)
गर्मियों के दौरान गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा देखभाल, पानी और कीट सुरक्षा की जरूरत होती है।
- अप्रैल: जब गन्ने का जमाव पूरा हो जाए, तो खेत का निरीक्षण करें। यदि पंक्तियों में 60 सेमी से अधिक का गैप है, तो वहां 2-3 आंख वाले टुकड़ों से गैप-फिलिंग करें। कंडुआ (स्मट) रोग के प्रति सतर्क रहें; ग्रसित पौधों को सावधानीपूर्वक निकालें।
- मई: गर्मियों में फसल की प्यास का ध्यान रखें और आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। हर सिंचाई के बाद मिट्टी की गुड़ाई करना न भूलें। पेड़ी फसल में कल्ले बढ़ाते समय हल्की मिट्टी चढ़ाना शुरू करें।
- जून: नत्रजन (Nitrogen) की आखिरी डोज़ मध्य जून तक हर हाल में पूरी कर लें। सफेद गिडार (White Grub) के नियंत्रण के लिए शाम को लाइट ट्रैप लगाएं। चोटी बेधक कीट के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाना बहुत प्रभावी होता है।

3. गन्ने की खेती का कैलेंडर: जुलाई से सितंबर (मानसून और मजबूती)
बरसात के समय गन्ने की लंबाई तेजी से बढ़ती है, इसलिए उसे गिरने से बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
- जुलाई: गन्ने की पंक्तियों पर अच्छे से मिट्टी चढ़ाएं (Earthing up)। यह पौधों की जड़ों को मजबूती देता है जिससे वे गिरते नहीं। जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि खेत में पानी न भरे।
- अगस्त: गन्ने की बँधाई शुरू करें। लाल सड़न (Red Rot) रोग की पहचान इसी महीने होती है; यदि अगोले की पत्तियां किनारे से सूखने लगें, तो तुरंत उन पौधों को निकाल दें। जैविक नियंत्रण के लिए ट्राइकोग्रामा अंडों का उपयोग करें।
- सितंबर: गन्ने की सूखी पत्तियां उतारकर लाइनों के बीच बिछा दें। यह मिट्टी की नमी बचाती है और मल्चिंग का काम करती है। इसी समय शरदकालीन बुवाई की तैयारी भी शुरू कर दें।

4. गन्ने की खेती का कैलेंडर: अक्टूबर से दिसंबर (कटाई और लाभ)
साल के अंत में किसान अपनी फसल का फल प्राप्त करते हैं और अगली फसल की योजना बनाते हैं।
- अक्टूबर: शरदकालीन गन्ने की बुवाई का समय। बुवाई के समय ट्राईकोडर्मा और एसीटोबैक्टर युक्त प्रेसमड (5 टन/हे.) या गोबर की खाद का प्रयोग करें। चूहों से बचाव हेतु जिंक फॉस्फाइड की गोलियां बिलों के पास रखें।
- नवंबर: मिलों की सप्लाई टिकट के अनुसार ही कटाई करें। हमेशा ध्यान रखें कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से सटाकर ही करें। गन्ने के साथ गेहूं या सरसों की अंतःफसलीय खेती करके आप अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।
- दिसंबर: पाला प्रभावित क्षेत्रों में फसल की हल्की सिंचाई जरूर करें। शरदकालीन गन्ना काटने के बाद ठूंठों पर सर्दी का असर कम करने के लिए ताजा प्रेसमड डालें।

महत्वपूर्ण सूचना: गन्ने की सरकारी सब्सिडी
गन्ने की खेती का कैलेंडर फॉलो करने के साथ-साथ सरकारी लाभ लेना न भूलें। सब्सिडी के लिए DBT लिंकिंग बहुत जरूरी है। पूरी प्रक्रिया यहाँ पढ़ें:
गन्ने की खेती से जुड़े 10 महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1. गन्ने की बुवाई का सबसे अच्छा समय क्या है?
उत्तर: बसंतकालीन बुवाई के लिए मार्च का महीना और शरदकालीन बुवाई के लिए अक्टूबर सर्वोत्तम है।
Q2. गन्ने के बीज का उपचार (Seed Treatment) कैसे करें?
उत्तर: 112 ग्राम कार्बेन्डाजिम को 112 लीटर पानी में घोलकर गन्ने के टुकड़ों को 5 मिनट तक डुबोकर उपचारित करें।
Q3. ट्रेंच विधि के क्या फायदे हैं?
उत्तर: इसमें गन्ने की मोटाई बढ़ती है, सिंचाई में 30% पानी की बचत होती है और फसल गिरती नहीं है।
Q4. लाल सड़न (Red Rot) की पहचान कैसे करें?
उत्तर: इसमें ऊपर की तीसरी-चौथी पत्ती सूखने लगती है और गन्ने को चीरने पर अंदर लाल धब्बे दिखते हैं।
Q5. गन्ने में दीमक से बचाव के लिए क्या डालें?
उत्तर: बुवाई के समय कूँड़ों में प्रिफोनिल या क्लोरपायरीफास का छिड़काव बहुत प्रभावी होता है।
Q6. क्या गन्ने के साथ दूसरी फसलें उगाई जा सकती हैं?
उत्तर: हाँ, शरदकालीन गन्ने के साथ आलू, सरसों, गेहूं या धनिया की अंतःफसलीय खेती की जा सकती है।
Q7. गन्ने की कटाई कहाँ से करनी चाहिए?
उत्तर: कटाई हमेशा जमीन की सतह से सटाकर करनी चाहिए ताकि अगली पेड़ी का वजन बढ़े।
Q8. कंडुआ (स्मट) रोग की रोकथाम कैसे करें?
उत्तर: ग्रसित पौधों को पॉलीथीन से ढककर निकालें और स्वस्थ प्रमाणित बीज का ही प्रयोग करें।
Q9. गन्ने में मिट्टी चढ़ाना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: यह मानसून की तेज हवाओं में फसल को गिरने से बचाता है और जड़ों को सहारा देता है।
Q10. चूहों से फसल की सुरक्षा कैसे करें?
उत्तर: बिलों के पास जिंक फॉस्फाइड या ब्रोमोडाइलान की गोलियां बनाकर रखने से चूहों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
स्त्रोत: उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (U.P. Council of Sugarcane Research)
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