प्यारे किसान साथियों आज के इस कृषि बजट 2026-27 लेख में हम कृषि बजट 2026-27 के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेगे की अन्नदाता को क्या मिला ?आप अपने विचार नीचे जरूर लिखे ताकि हमे पता चले हमारे किसान भाई क्या चाहते थे । …
कृषि बजट 2026-27: डेटा और तकनीकी विश्लेषण
बजट 2026-27 केवल घोषणाओं का पुलिंदा नहीं है, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में बड़े संरचनात्मक बदलावों (Structural Changes) की ओर संकेत करता है। नीचे दी गई जानकारी आधिकारिक बजट दस्तावेजों के तकनीकी आंकड़ों पर आधारित है।
1. विभागीय आवंटन का ब्रेकअप (Departmental Breakup)
कृषि मंत्रालय के कुल ₹1,40,528.78 करोड़ को दो मुख्य तकनीकी श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
A. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
कुल आवंटन: ₹1,30,561.38 करोड़
- राजस्व व्यय (Revenue): ₹1,30,451.62 करोड़
- पूंजीगत व्यय (Capital): ₹109.76 करोड़
B. कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा (DARE)
कुल आवंटन: ₹9,967.40 करोड़
- राजस्व व्यय (Revenue): ₹9,964.95 करोड़
- पूंजीगत व्यय (Capital): ₹2.45 करोड़
2. उर्वरक सब्सिडी का तकनीकी पहलू (Fertilizer Subsidy Data)
किसानों की इनपुट लागत को नियंत्रित करने के लिए उर्वरक विभाग को जो फंड मिला है, वह कृषि बजट से अलग है लेकिन किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है:
| उर्वरक का प्रकार | आवंटित सब्सिडी (करोड़ ₹) |
|---|---|
| स्वदेशी यूरिया (Indigenous Urea) | ₹1,14,000.00 (लगभग) |
| P&K सब्सिडी (Nutrient Based) | ₹56,944.53 (लगभग) |
| कुल उर्वरक सब्सिडी | ₹1,70,944.53 |

3. अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी डेटा (Allied Sectors)
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए अन्य विभागों को भी विशेष बजट दिया गया है:
- पशुपालन और डेयरी: ₹6,153.46 करोड़ (पिछले वर्ष के मुकाबले 5% की वृद्धि)।
- मत्स्यपालन (Fisheries): ₹2,761.80 करोड़ – इसका फोकस ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ तकनीक पर है।
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing): ₹4,064.16 करोड़ – वैल्यू एडिशन के लिए।
कृषि क्षेत्र के लिए बजट 2026-27 का महत्व
बजट 2026-27 में केवल सब्सिडी पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि Agri-Tech (कृषि तकनीक) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ के माध्यम से किसानों को मौसम की सटीक जानकारी और बाजार के भाव रियल-टाइम में मिल सकें। इसके अतिरिक्त, PM-Kisan योजना के सुचारू संचालन के लिए डेटा का डिजिटलीकरण किया जा रहा है ताकि पात्र किसानों को बिना किसी बाधा के आर्थिक सहायता मिलती रहे।
पशुपालन और डेयरी सेक्टर का विस्तार: इस साल डेयरी सेक्टर के लिए बजट में 5% की वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार ‘श्वेत क्रांति 2.0’ की ओर बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए ‘मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट्स’ और ‘कोल्ड स्टोरेज’ चेन बनाने के लिए भी फंड आवंटित किया गया है, जिससे दूध उत्पादक किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
4. निष्कर्ष (Technical Summary)
बजट 2026-27 यह स्पष्ट करता है कि सरकार का ध्यान अब केवल सब्सिडी देने पर ही नहीं, बल्कि **कृषि अनुसंधान (₹9,967 Cr)** और **ग्रामीण बुनियादी ढांचे (₹1.94 Lakh Cr)** पर भी है। पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का कम होना यह दर्शाता है कि अधिकांश खर्च अभी भी सब्सिडी और प्रत्यक्ष सहायता योजनाओं में जा रहा है।

FAQ: क्या कहती है तकनीकी रिपोर्ट?
Q: क्या कृषि बजट में कोई कटौती हुई है?
A: नहीं, तकनीकी रूप से ₹1.40 लाख करोड़ का आवंटन पिछली बार की तुलना में स्थिर और कुछ क्षेत्रों में बढ़ा हुआ है।
Q: सबसे ज्यादा खर्च कहाँ हो रहा है?
A: राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) में सबसे अधिक खर्च हो रहा है, जिसमें योजनाएं और सब्सिडी शामिल हैं।
उपयोगी लिंक्स:
1. बजट की आधिकारिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें: India Budget Official (External Link)
2. हमारी अन्य महत्वपूर्ण पोस्ट पढ़ें: खेती-किसानी की ताज़ा जानकारी (Internal Link)
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