फरवरी में फसलों की देखभाल: बंपर पैदावार के लिए 10+ उन्नत तरीके
प्यारे किसान भाइयों जैसा की आप जानते है फरवरी में फसलों की देखभाल के लिए फरवरी का महीना भारतीय किसानों के लिए ‘परीक्षा की घड़ी’ जैसा होता है। इस समय उत्तर भारत में रबी की फसलें अपनी चरम अवस्था पर होती हैं। गेहूं की बालियों में दाना भर रहा होता है, सरसों पकने की ओर होती है और दलहनी फसलों में फूल खिल रहे होते हैं। ऐसे में तापमान का थोड़ा सा उतार-चढ़ाव या देखभाल में कमी आपकी पूरी मेहनत खराब कर सकती है।
अगर आप स्मार्ट फार्मिंग तकनीक अपनाते हैं, तो कम लागत में भी आप बंपर मुनाफा कमा सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि फरवरी के महीने में आपको कौन-कौन से कदम उठाने चाहिए।
1. गेहूं की क्रांतिक अवस्था और सिंचाई
फरवरी में फसलों की देखभाल के दौरान गेहूं में ‘गबोट’ (Booting) से लेकर ‘दूधिया अवस्था’ (Milking Stage) तक का समय होता है। इस समय मिट्टी में नमी की कमी होने पर दाना छोटा और हल्का रह जाता है।
- फरवरी में फसलों की देखभाल के लिए सिंचाई का सही प्रबंधन: इस समय हल्की सिंचाई करें। यदि हवा तेज चल रही हो, तो सिंचाई टाल दें, अन्यथा फसल गिर सकती है।
- पोषक तत्व: 00:52:34 एनपीके का छिड़काव दानों की गुणवत्ता सुधारता है।

[Image of wheat crop growth stages]
2. सरसों में माहू (Aphids) कीट का प्रकोप
फरवरी में जब तापमान बढ़ता है, तो सरसों पर काले रंग के छोटे कीट (माहू) का हमला तेज हो जाता है। ये कीट फलियों का रस चूस लेते हैं। इसके जैविक नियंत्रण के लिए 5% नीम के तेल का घोल बनाकर छिड़कें या अधिक संक्रमण होने पर ICAR गाइडलाइन्स के अनुसार थियामेथोक्सम का प्रयोग करें।
3. पीला रतुआ (Yellow Rust) की निगरानी
पत्तियों पर पीले रंग की पाउडर जैसी धारियां दिखना ‘पीला रतुआ’ का संकेत है। यह कवक हवा के जरिए तेजी से फैलता है। संक्रमण दिखने पर तुरंत प्रभावित पौधों को हटा दें और कवकनाशी का प्रयोग करें।
4. जायद फसलों की योजना और बुवाई
फरवरी का दूसरा पखवाड़ा मूंग, उड़द और सूरजमुखी के लिए सबसे अच्छा है।
– मिट्टी की तैयारी: रबी की कटाई के बाद खेत को गहरा जोतकर धूप लगने दें।
– बीज चयन: हमेशा नेशनल सीड पोर्टल से प्रमाणित बीज ही चुनें।

5. सब्जियों में फूल झड़ने की समस्या
टमाटर, मिर्च और बैंगन में इस समय फूल झड़ने की शिकायत आती है। इसका मुख्य कारण पोषक तत्वों की कमी या तापमान में अचानक बदलाव है। ‘अल्फा नेफ्थाइल एसिटिक एसिड’ (Planofix) का उचित मात्रा में छिड़काव इसे रोक सकता है।
6. फसल सुरक्षा और उर्वरक तालिका
| कार्य | उद्देश्य | समय |
|---|---|---|
| निराई-गुड़ाई | खरपतवार नियंत्रण | फरवरी प्रथम सप्ताह |
| 00:00:50 का छिड़काव | दानों में चमक | दूधिया अवस्था में |
| सल्फर का प्रयोग | तेल की मात्रा बढ़ाना (सरसों) | अंतिम सिंचाई पर |
7. पाले के बाद का प्रबंधन
यदि जनवरी में भारी ठंड पड़ी है, तो पौधे तनाव में आ जाते हैं। पौधों को इस तनाव से निकालने के लिए 2% यूरिया के घोल का स्प्रे करें, जिससे नई कोपले तेजी से निकल सकें।
8. बागवानी: आम के बौर की सुरक्षा
आम के बागों में इस समय ‘मधुआ’ कीट (Hopper) का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए, तो 50% तक बौर गिर सकता है। हमारे आम की उन्नत खेती लेख में इसके जैविक उपचार के बारे में पढ़ें।
9. खरपतवार प्रबंधन (Weeding)
फरवरी में बसंत ऋतु के साथ ही खरपतवार भी तेजी से बढ़ते हैं। बथुआ और जंगली जई जैसी घासें मुख्य फसल का पोषण चुरा लेती हैं। हाथों से निराई करना रसायनों से बेहतर है क्योंकि इससे जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है।
10. आधुनिक मशीनीकरण और भंडारण
कटाई के बाद अनाज को भंडारित करने के लिए अभी से तैयारी करें। नीम की पत्तियों या आधुनिक ‘एल्युमीनियम फॉस्फाइड’ का प्रयोग सुरक्षित भंडारण के लिए किया जा सकता है।
जनवरी महीने में रबी फसलों का उपचार और देखभाल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
जब बालियां निकल रही हों या दाने दूधिया अवस्था में हों, तब नमी का होना बहुत जरूरी है।
जी हाँ, 15 फरवरी के बाद का समय जायद उड़द के लिए सबसे उत्तम है।
जब आलू के पौधे पीले होकर सूखने लगें, तब खुदाई कर लेनी चाहिए।
अंतिम अपडेट: 4 फरवरी, 2026
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
फरवरी में फसलों की देखभाल क्यों जरूरी है?
इस समय फसलें फूल और दाना बनने की अवस्था में होती हैं, इसलिए सही देखभाल से पैदावार बढ़ती है।
फरवरी में सिंचाई कैसे करें?
हल्की और जरूरत के अनुसार सिंचाई करें। अधिक पानी नुकसानदायक हो सकता है।
फरवरी में कौन-कौन सी रबी फसलें महत्वपूर्ण हैं?
चना, गेहूं, सरसों, मसूर और मटर जैसी रबी फसलें।
कीट और रोग से बचाव कैसे करें?
नियमित निगरानी करें और आवश्यकता अनुसार जैविक या अनुशंसित कीटनाशक का प्रयोग करें।
फरवरी में कौन से उर्वरक देने चाहिए?
मिट्टी परीक्षण के अनुसार संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें।
