जनवरी महीने में रबी फसलों का उपचार और देखभाल | कृषि विशेषज्ञ सलाह

जनवरी महीने में रबी फसलों का उपचार और देखभाल: सम्पूर्ण किसान गाइड

जनवरी का महीना रबी की फसलों (गेहूं, चना, सरसों, मटर और आलू) के लिए सबसे संवेदनशील और निर्णायक समय होता है। इस दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और पाले (Frost) का प्रकोप चरम पर रहता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस महीने में फसल की सही देखरेख न की जाए, तो पाले और कीटों के हमले से पैदावार में 40% तक की भारी गिरावट आ सकती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि जनवरी में अपनी मुख्य फसलों को रोगों से कैसे बचाएं और पैदावार को कैसे बढ़ाएं। अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।


1. गेहूं की फसल: पीला रतुआ और पोषक तत्व प्रबंधन

जनवरी में गेहूं की फसल गांठे बनने (Jointing stage) और झंडा पत्ती निकलने की अवस्था में होती है। इस समय दो मुख्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

  • पीला रतुआ (Yellow Rust): ठंडे और नम मौसम में यह फफूंद तेजी से फैलती है। पत्तियों पर पीले रंग का पाउडर जैसा पदार्थ दिखाई देता है। इसके उपचार के लिए प्रोपिकोनाजोल 25% EC (Propiconazole) की 200 मिली मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। अगर आप गेहूं की उन्नत किस्मों के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारा लेख गेहूं की टॉप किस्में जरूर पढ़ें।
  • यूरिया की दूसरी खुराक: बुवाई के 45-55 दिन बाद दूसरी सिंचाई के साथ यूरिया की अंतिम खुराक जरूर दें। इससे कल्लों का विकास अच्छा होता है।
  • खरपतवार नियंत्रण: यदि अब भी चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (बथुआ, सेंजी) दिख रहे हैं, तो उचित शाकनाशी का प्रयोग करें।

2. सरसों की फसल: माहू (Aphid) कीट का कहर

सरसों में फूल आने के बाद जब फलियां बनने लगती हैं, तब माहू कीट का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

  • माहू कीट नियंत्रण: यह कीट पौधों का रस चूसकर उन्हें कमजोर कर देता है। इसके लिए थायोमेथोक्सम 25% WG की 50-100 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ का छिड़काव करें।
  • सल्फर का महत्व: सरसों एक तिलहनी फसल है और जनवरी में सल्फर (Bentonite Sulphur) का प्रयोग दानों में तेल की मात्रा को 2-3% तक बढ़ा देता है।
  • सफ़ेद रतुआ (White Rust): यदि पत्तियों के नीचे सफेद धब्बे दिखें, तो मेटालेक्सिल + मैंकोजेब का स्प्रे करें।

3. चना और मटर: इल्ली और उकठा रोग का समाधान

चने की फसल में जनवरी के दौरान फली छेदक इल्ली (Pod Borer) का आक्रमण सबसे ज्यादा होता है।

  • इल्ली नियंत्रण: शुरुआती अवस्था में फेरोमोन ट्रैप (Pheromone Traps) लगाएं। भारी प्रकोप होने पर एमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG का 100 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। चने की खेती की पूरी लागत जानने के लिए देखें: चने की खेती का लाभ
  • उकठा रोग (Wilt): चने में पौधा अचानक सूखने लगता है। इसके लिए जैविक फफूंदनाशक ट्राइकोडर्मा का उपयोग करें और खेत में जलभराव न होने दें।

4. आलू की फसल: झुलसा रोग (Late Blight) से बचाव

जनवरी में कोहरे और अधिक नमी के कारण आलू में ‘पछेती झुलसा’ रोग का खतरा बढ़ जाता है।

  • लक्षण: पत्तियों के किनारों पर काले-भूरे धब्बे और सड़न।
  • उपचार: बचाव के लिए मैंकोजेब (Mancozeb) 2.5 ग्राम प्रति लीटर या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करें। यदि रोग लग चुका है, तो ‘साइमोक्सानिल + मैंकोजेब’ का उपयोग करें।

5. पाले (Frost) से रबी फसलों को बचाने के उपाय

जनवरी की रातों में जब तापमान 4 डिग्री से नीचे चला जाता है, तब पाला फसलों को जला देता है। इससे बचने के लिए:

  1. हल्की सिंचाई: नमी वाली मिट्टी का तापमान सूखा मिट्टी से अधिक रहता है, जिससे पाले का असर कम होता है।
  2. धुआं करना: रात के समय खेत की मेड़ों पर कूड़ा जलाकर धुआं करें।
  3. सल्फर स्प्रे: घुलनशील सल्फर का 0.2% का स्प्रे पाले के विरुद्ध कवच की तरह काम करता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

जनवरी का महीना किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी है। सही समय पर कीटनाशक और उर्वरक का चुनाव आपकी फसल की किस्मत बदल सकता है। हमेशा रसायनों का प्रयोग कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें। खेती से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. जनवरी में गेहूं में पीला रतुआ दिखने पर क्या करें?
उत्तर: पीला रतुआ दिखने पर प्रोपिकोनाजोल 25% EC का 1 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें।

2. सरसों की फसल में तेल की मात्रा कैसे बढ़ाएं?
उत्तर: दाने बनते समय सल्फर (Bentonite Sulphur) का उपयोग करने से तेल की मात्रा और दानों की गुणवत्ता बढ़ती है।

3. पाले की स्थिति में सिंचाई कब करनी चाहिए?
उत्तर: पाले की संभावना होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करना सबसे ज्यादा लाभदायक होता है।

4. चने में इल्ली नियंत्रण के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?
उत्तर: चने में इल्ली के लिए एमामेक्टिन बेंजोएट या स्पाइनोसैड जैसी दवाओं का प्रयोग प्रभावी होता है।

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