कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) क्या है? इसके उद्देश्य, लाभ और केंद्रों की पूरी सूची
Krishi Vigyan Kendra (KVK): भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ की अधिकांश आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। किसानों को आधुनिक खेती और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए भारत सरकार ने 1974 में एक क्रांतिकारी कदम उठाया था, जिसे ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ के नाम से जाना जाता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि KVK क्या है, यह कैसे काम करता है और एक आम किसान इससे कैसे लाभ उठा सकता है।
KVK का इतिहास और स्थापना
कृषि विज्ञान केंद्र की परिकल्पना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रयोगशाला में होने वाले अनुसंधानों को सीधे किसान के खेत तक पहुँचाना है।
- प्रथम केंद्र: भारत का पहला KVK 1974 में पुडुचेरी में तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक नियंत्रण में स्थापित किया गया था।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में पूरे भारत में 732 से अधिक KVK सक्रिय हैं।
- नेटवर्क: यह दुनिया के सबसे बड़े कृषि नेटवर्क में से एक है जो सीधे जिला स्तर पर काम करता है।
KVK (कृषि विज्ञान केंद्र) के मुख्य उद्देश्य
कृषि विज्ञान केंद्रों का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि वे किसानों के लिए ‘ज्ञान के केंद्र’ के रूप में कार्य करें। इनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल हैं:
- तकनीक का प्रदर्शन: किसानों के खेतों पर नई फसलों और आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन (Demonstration) करना।
- क्षमता निर्माण: किसानों और ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित उद्योगों के लिए प्रशिक्षित करना ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
- परामर्श सेवा: मौसम की जानकारी, कीट नियंत्रण और मंडी भावों के बारे में किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह देना।
- मृदा परीक्षण: मिट्टी की उर्वरता की जांच करना और उसके अनुसार संतुलित खाद के उपयोग की सलाह देना।

KVK द्वारा दी जाने वाली प्रमुख सेवाएं
KVK केवल जानकारी ही नहीं देता, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई व्यावहारिक सेवाएं भी प्रदान करता है। इससे छोटे और मध्यम आकार के कृषि व्यवसायों को बहुत बढ़ावा मिलता है:
1. कौशल विकास प्रशिक्षण (Vocational Training)
केवीके ग्रामीण युवाओं को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देता है। इससे युवाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर मिलते हैं।
2. फ्रंटलाइन प्रदर्शन (Frontline Demonstrations – FLD)
जब भी कोई नई बीज की किस्म या कृषि मशीन आती है, तो KVK वैज्ञानिक स्वयं किसानों के खेत पर जाकर उसका प्रदर्शन करते हैं। इससे किसानों का विश्वास नई तकनीकों के प्रति बढ़ता है और वे उसे अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
3. मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला
आजकल जमीन की शक्ति कम हो रही है, ऐसे में अधिकांश केवीके में मिट्टी की जांच करने की सुविधा होती है। किसान अपनी मिट्टी का नमूना यहाँ जमा कर सकते हैं और जान सकते हैं कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है।
भारत में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या (State-wise List)
भारत में KVK का प्रबंधन 11 ATARI (Agricultural Technology Application Research Institute) जोन के माध्यम से किया जाता है। नीचे प्रमुख जोन और केंद्रों का विवरण दिया गया है:
| जोन (ATARI Zone) | राज्य (States Covered) | KVK की संख्या |
|---|---|---|
| Zone I | पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, J&K | 72 |
| Zone II | राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली | 66 |
| Zone III | उत्तर प्रदेश | 89 |
| Zone IV | बिहार, झारखंड | 68 |
| Zone VIII | महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा | 81 |
| Zone IX | मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ | 82 |
| Zone X | तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना | 76 |
| कुल भारत | सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश | 732 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: भारत में वर्तमान में कुल कितने कृषि विज्ञान केंद्र हैं?
उत्तर: वर्तमान में पूरे भारत में कुल 732 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
प्रश्न 2: क्या KVK से ट्रेनिंग लेने के लिए कोई फीस देनी पड़ती है?
उत्तर: नहीं, अधिकांश KVK प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए बिल्कुल निःशुल्क (Free) होते हैं। कुछ विशेष कमर्शियल कोर्स के लिए बहुत ही मामूली शुल्क लिया जा सकता है।
प्रश्न 3: क्या KVK से उन्नत बीज और खाद भी मिलते हैं?
उत्तर: हाँ, KVK प्रदर्शन उद्देश्यों के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा, यहाँ के वैज्ञानिक आपको प्रमाणित बीजों के सही स्रोतों की जानकारी भी देते हैं।
प्रश्न 4: अपने जिले के KVK का संपर्क नंबर कैसे प्राप्त करें?
उत्तर: आप ICAR की आधिकारिक वेबसाइट या अपने जिला कृषि कार्यालय से संपर्क नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने नजदीकी किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी कॉल कर सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या KVK पशुपालन और मछली पालन में भी मदद करता है?
उत्तर: जी हाँ, कृषि विज्ञान केंद्र केवल फसलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन और मछली पालन के लिए भी तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ने भारतीय कृषि के आधुनिकीकरण में अद्वितीय भूमिका निभाई है। चाहे वह अधिक पैदावार वाले बीजों का वितरण हो या जैविक खेती को बढ़ावा देना, केवीके हर कदम पर किसान के साथ खड़ा है। यदि आपने अभी तक अपने जिले के केवीके से संपर्क नहीं किया है, तो आज ही संपर्क करें और अपनी खेती को लाभ के व्यवसाय में बदलें।
स्रोत (Source): आधिकारिक जानकारी ICAR से ली गई है।
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