Soil Health Card Portal: अब खेत की मिट्टी बोलेगी! घर बैठे जानें असली सेहत
आजकल रासायनिक खादों के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने Soil Health Card Portal शुरू किया है। अगर आप भी PM Kisan Yojana के लाभार्थी हैं, तो आपको इस योजना का लाभ जरूर उठाना चाहिए।

फोटो: कृषि विभाग के अधिकारी खेत से मिट्टी का सैंपल लेते हुए
🌱 सॉइल हेल्थ कार्ड क्या है? (SHC Scheme Detail)
सॉइल हेल्थ कार्ड किसान के खेत की मिट्टी की गुणवत्ता का एक रिपोर्ट कार्ड है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश जैसे 12 मानकों की जांच होती है। अगर आप उत्तर प्रदेश से हैं, तो UP Farmer Registration के जरिए आप कृषि विभाग की अन्य योजनाओं से भी जुड़ सकते हैं।

फोटो: कार्ड में मौजूद पोषक तत्वों की विस्तृत जानकारी
📊 रिपोर्ट समझने का चार्ट (How to Read Report)
जब आप अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन डाउनलोड करते हैं, तो उसे नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार समझें:
| तत्व का स्तर (Status) | कमी/अधिकता का प्रभाव | किसान के लिए सलाह |
|---|---|---|
| अत्यधिक कम (Low) | फसल की बढ़वार रुक सकती है। | गोबर की खाद और सिफारिश की गई खाद बढ़ाएं। |
| मध्यम (Medium) | मिट्टी की सेहत सामान्य है। | संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। |
| उच्च (High) | खाद डालने से पैसे की बर्बादी होगी। | उस विशिष्ट खाद को डालने से बचें या कम करें। |
| pH मान (6.5-7.5) | मिट्टी उपजाऊ और संतुलित है। | यही स्तर बनाए रखने के लिए जैविक खाद डालें। |

फोटो: पोर्टल पर लॉगिन और कार्ड सर्च करने की प्रक्रिया
सॉइल हेल्थ कार्ड की सभी ऑनलाइन सेवाओं (पंजीकरण, रिपोर्ट डाउनलोड और लैब स्टेटस) के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें:
यहाँ क्लिक करें – आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
आधिकारिक लिंक: https://soilhealth.dac.gov.in
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (5 महत्वपूर्ण प्रश्न)
आप पोर्टल पर ‘View Soil Health Card’ विकल्प पर जाकर अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से रिपोर्ट देख और प्रिंट कर सकते हैं।
2. मिट्टी का सैंपल लेने का सही तरीका क्या है?
खेत के 8-10 अलग-अलग हिस्सों से ‘V’ आकार में 6 इंच गहरा गड्ढा खोदकर मिट्टी का नमूना लेना चाहिए।
3. कार्ड गुम होने पर क्या करें?
चिंता न करें! आप पोर्टल पर जाकर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से दोबारा डिजिटल कॉपी निकाल सकते हैं।
4. क्या किराये के खेत के लिए भी कार्ड बन सकता है?
हाँ, जो किसान वर्तमान में उस भूमि पर खेती कर रहा है, वह अपने विवरण के साथ मिट्टी की जांच करा सकता है।
5. रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?
मिट्टी जमा करने के बाद लैब परीक्षण में आमतौर पर 15 से 30 दिन का समय लगता है, जिसके बाद रिपोर्ट पोर्टल पर चढ़ा दी जाती है।
निष्कर्ष: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना न केवल मिट्टी बचाती है, बल्कि किसान के बटुए को भी फालतू खर्च से बचाती है। आज ही अपने नजदीकी कृषि केंद्र जाकर संपर्क करें।
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*10,000+ किसान पहले ही जुड़ चुके हैं
