उत्तर प्रदेश किसान भाइयों के लिए खुशखबरी!
Agridarshan Portal: अब हर सरकारी योजना का लाभ सीधे आपके द्वार
क्या आप भी खाद, बीज या ट्रैक्टर की सब्सिडी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर थक गए हैं? अब चिंता छोड़िए। उत्तर प्रदेश सरकार का Agridarshan Portal और किसान रजिस्ट्री आपकी किस्मत बदलने आ गया है। इस पोस्ट को पूरा पढ़ लिया तो आपको किसी से पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
1. Agridarshan Portal (एग्रोदर्शन) क्या है?
आसान भाषा में कहें तो, Agridarshan उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग की वह चाबी है जिससे सरकारी योजनाओं के बंद ताले खुलते हैं। पहले इसे पारदर्शी किसान सेवा योजना कहा जाता था। सरकार ने अब इसे अपडेट करके और भी आसान बना दिया है।
यहाँ आप अपनी जमीन का रजिस्ट्रेशन कराते हैं, और फिर सरकार आपको एक “किसान आईडी” देती है। इसी आईडी से सरकार को पता चलता है कि आप असली किसान हैं और आपको कब, किस चीज़ की ज़रूरत है।
2. इस पोर्टल से आपको क्या-क्या फायदा मिलेगा?
🚜 खेती की मशीनों पर भारी छूट
अगर आप ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर या लेजर लैंड लेवलर खरीदना चाहते हैं, तो 40% से लेकर 80% तक की सब्सिडी इसी पोर्टल के जरिए मिलती है। आपको बस यहाँ से ‘टोकन’ काटना होता है।
☀️ फ्री सोलर पंप (कुसुम योजना)
खेत में सिंचाई के लिए बिजली या डीजल का खर्चा खत्म करना है? सोलर पंप के लिए आवेदन भी इसी पोर्टल पर होता है।
💰 खाद और बीज का पैसा सीधा खाते में
जब आप सरकारी गोदाम से खाद या बीज खरीदते हैं, तो उसका अनुदान (Subsidy) सीधा आपके बैंक खाते में आता है। इसे ही हम DBT कहते हैं।
3. रजिस्ट्रेशन के लिए क्या-क्या कागज चाहिए?
किसान भाई, फॉर्म भरने से पहले ये कागज अपने पास रख लें ताकि बीच में काम न रुके:
- आधार कार्ड: (मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए ताकि OTP आ सके)।
- खतौनी: अपनी जमीन का ताज़ा रिकॉर्ड (नकल)।
- बैंक की पासबुक: जिसमें आपका नाम साफ लिखा हो।
- फोटो: एक साफ पासपोर्ट साइज फोटो।
- जाति प्रमाण पत्र: (अगर आप SC/ST वर्ग से हैं, तो सब्सिडी ज़्यादा मिलती है)।

4. ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? (आसान तरीका)
आप खुद अपने मोबाइल से या पास के जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ये काम कर सकते हैं:
यहाँ क्लिक करके अभी रजिस्ट्रेशन करें
5. किसान रजिस्ट्री (Agristack) क्या है?
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने Agristack शुरू किया है। इसमें लेखपाल आपके गांव में आकर आपकी जमीन का डिजिटल सर्वे करेंगे। इसे “डिजिटल खसरा” भी कहा जाता है। इससे फायदा ये होगा कि भविष्य में आपको पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा।
6. जरूरी वेबसाइट लिंक्स (Quick Links)
| सुविधा का नाम | लिंक (Link) |
|---|---|
| UP कृषि विभाग मुख्य साइट | क्लिक करें |
| कृषि यंत्र टोकन जनरेट करें | यहाँ से करें |
| PM-Kisan स्टेटस देखें | यहाँ देखें |
| जमीन की नकल (Bhulekh) | नकल निकालें |
7. किसान भाई इन बातों का खास ध्यान रखें!
- मोबाइल नंबर: अपना वही नंबर दें जो हमेशा चालू रहता हो, क्योंकि हर जानकारी SMS से आएगी।
- नाम की स्पेलिंग: जो नाम आपके आधार कार्ड में है, वही बैंक खाते में होना चाहिए।
- फर्जीवाड़ा: किसी भी अनजान व्यक्ति को पंजीकरण के नाम पर पैसे न दें। यह सरकार की तरफ से बिल्कुल मुफ्त सेवा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: मेरी सब्सिडी का पैसा नहीं आया, क्या करूँ?
A: सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपना ‘DBT Status’ चेक करें। अगर वहाँ आधार लिंक नहीं दिखा रहा, तो अपने बैंक जाकर आधार सीडिंग कराएं।
Q: क्या मोबाइल से टोकन जनरेट हो सकता है?
A: हाँ, आप पोर्टल पर जाकर “यंत्र हेतु टोकन” वाले लिंक से मोबाइल पर ही टोकन काट सकते हैं और पेमेंट भी ऑनलाइन कर सकते हैं।
आशा है किसान भाइयों को यह जानकारी काम की लगी होगी। इस पोस्ट को अपने अन्य किसान मित्रों के साथ WhatsApp पर ज़रूर शेयर करें ताकि सबको फायदा मिल सके!
जय जवान, जय किसान!
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