चना की खेती की लागत और मुनाफा प्रति बीघा | पूरी जानकारी
चना रबी मौसम की प्रमुख दलहनी फसल है। कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए कम लागत और स्थिर मुनाफे का अच्छा विकल्प मानी जाती है। उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में चना की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इस लेख में चना की खेती की प्रति बीघा लागत, उत्पादन और मुनाफे की पूरी जानकारी दी गई है।

चना की खेती में प्रति बीघा खर्च
चना की खेती में बीज, खेत की तैयारी, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च आता है। औसतन प्रति बीघा खर्च इस प्रकार होता है:
बीज – 900 से 1200 रुपये
खेत की तैयारी – 700 से 900 रुपये
खाद व उर्वरक – 600 से 800 रुपये
सिंचाई – 200 से 300 रुपये
दवा व कीटनाशक – 300 से 500 रुपये
मजदूरी – 500 से 700 रुपये
कुल अनुमानित लागत: लगभग 3200 से 4400 रुपये प्रति बीघा
(लागत क्षेत्र और खेती की विधि के अनुसार घट-बढ़ सकती है)

उत्तर प्रदेश के लिए चना की उन्नत किस्में
उत्तर प्रदेश की जलवायु के अनुसार निम्नलिखित चना की किस्में किसानों में लोकप्रिय हैं:
JG-11 – अधिक पैदावार देने वाली किस्म, रोग प्रतिरोधक।
Pusa 372 – जल्दी पकने वाली किस्म, उत्तर भारत के लिए उपयुक्त।
KWR-108 – उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से बोई जाने वाली किस्म।
JG-14 – कम पानी में भी अच्छी पैदावार।
चना का प्रति बीघा उत्पादन
सामान्य खेती में चना का औसत उत्पादन
4 से 6 क्विंटल प्रति बीघा तक प्राप्त होता है।
उन्नत किस्म और सही कृषि प्रबंधन के साथ उत्पादन
7 क्विंटल प्रति बीघा तक भी हो सकता है।
चना का बाजार भाव
चना का बाजार भाव मंडी और गुणवत्ता के अनुसार बदलता रहता है। आमतौर पर चना का भाव
5200 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहता है।
चना के साथ-साथ किसान सरसों की खेती की लागत और मुनाफा भी जान सकते हैं।
चना की खेती में प्रति बीघा मुनाफा
मान लीजिए:
उत्पादन = 6 क्विंटल प्रति बीघा
बाजार भाव = 5500 रुपये प्रति क्विंटल
कुल आय:
6 × 5500 = 33000 रुपये
कुल खर्च:
लगभग 3800 रुपये
शुद्ध मुनाफा:
लगभग 29000 रुपये प्रति बीघा
इस प्रकार चना की खेती कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल साबित होती है।
चना की खेती में मुनाफा बढ़ाने के उपाय
• प्रमाणित और उन्नत किस्म का बीज चुनें
• समय पर बुवाई करें
• संतुलित मात्रा में खाद व उर्वरक दें
• खेत में जलभराव न होने दें
• रोग व कीट का समय पर नियंत्रण करें

निष्कर्ष
चना की खेती कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाली लाभदायक दलहनी फसल है। सही किस्म का चयन और समय पर देखभाल से किसान चना की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
