पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना 2026: माइक्रो इरिगेशन से बढ़ाएं उपज
मेरे प्यारे किसान साथियों यदि आप कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करना चाहते हैं, तो ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई आज की सबसे प्रभावी तकनीकों में से हैं। इन्हें अपनाने के लिए सरकार पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना (Per Drop More Crop) के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करती है।
इस कृषि लेख में हम जानेंगे कि यह योजना क्या है, किन किसानों को लाभ मिल सकता है, आवेदन कैसे करें, आवश्यक दस्तावेज क्या हैं तथा माइक्रो इरिगेशन अपनाने से खेती में क्या बदलाव आता है।
योजना के दिशा-निर्देश, पात्रता और सहायता की दरें समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा संशोधित की जा सकती हैं। आवेदन करने से पहले अपने जिले के उद्यान विभाग या कृषि विभाग से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना क्या है?
“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” का अर्थ है पानी की प्रत्येक बूंद का अधिकतम उपयोग। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसी सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना है जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई हो सके और फसल उत्पादन बढ़े। इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) तथा स्प्रिंकलर इरिगेशन (Sprinkler Irrigation) जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाता है।
सरल भाषा में समझें
यदि आपकी फसल को पूरे खेत में पानी भरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल पौधों की जड़ों तक नियंत्रित मात्रा में पानी पहुँचाना पर्याप्त है, तो ड्रिप सिंचाई सबसे बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे पानी की बचत होती है, खरपतवार कम उगते हैं और उर्वरकों का बेहतर उपयोग होता है।
योजना का उद्देश्य
- जल संरक्षण को बढ़ावा देना।
- कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करना।
- ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देना।
- कृषि लागत कम करना और फसल की गुणवत्ता में सुधार करना।
- किसानों की आय बढ़ाना।
माइक्रो इरिगेशन क्या है?
माइक्रो इरिगेशन ऐसी आधुनिक सिंचाई प्रणाली है जिसमें पौधों को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित मात्रा में पानी दिया जाता है। इसमें पाइपलाइन, फिल्टर, वाल्व और ड्रिप लाइन या स्प्रिंकलर का उपयोग किया जाता है।
| पारंपरिक सिंचाई | माइक्रो इरिगेशन |
|---|---|
| अधिक पानी की आवश्यकता | कम पानी में सिंचाई |
| खेत में पानी भरना पड़ता है | सीधे जड़ों तक पानी पहुँचता है |
| खरपतवार अधिक | खरपतवार अपेक्षाकृत कम |
| उर्वरक की अधिक खपत | उर्वरक का बेहतर उपयोग |
पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान को संबंधित राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों का पालन करना होता है:
- आवेदक भारत का पात्र किसान हो और उसके पास कृषि योग्य भूमि हो।
- भूमि का रिकॉर्ड अद्यतन हो।
- आधार कार्ड एवं बैंक खाता उपलब्ध हो (मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना लाभदायक रहता है)।
- जिस खेत में माइक्रो इरिगेशन लगना है, वह पात्र श्रेणी में होना चाहिए।
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योजना में आवेदन कैसे करें?
- अपने जिले के कृषि या उद्यान विभाग से संपर्क करें।
- पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें या उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड या संलग्न करें।
- विभाग द्वारा आवेदन की जांच की जाएगी।
- स्वीकृति मिलने के बाद अधिकृत विक्रेता से माइक्रो इरिगेशन प्रणाली स्थापित कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना क्या है?
यह एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा देकर कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करना है।
2. क्या छोटे किसान भी इस योजना में आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, पात्रता शर्तें पूरी करने वाले छोटे एवं सीमांत किसान भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
3. ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई में क्या अंतर है?
ड्रिप प्रणाली सीधे पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पानी पहुँचाती है, जबकि स्प्रिंकलर फव्वारे के रूप में पूरे क्षेत्र में पानी का छिड़काव करता है।
